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आदिवासी विकास

विभाग द्वारा संचालित योजनाएं

अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/अन्य पिछड़ा वर्ग छात्रावास/आश्रमों की  स्वीकृत सीट/संख्या की जानकारी

जिलासुकमा(..)

 

क्र.

संस्था का प्रकार

        संचालित संस्थाओं की संख्या

                स्वी0 सीट की

बालक

            कन्या

योग

बालक

            कन्या

योग

1

2

3

4

5

6

7

8

1

पो. मै. अनु.जनजाति छात्रावास

5

5

10

250

250

500

2

प्री.मै.अनु.जनजाति छात्रावास

21

11

32

1350

795

2145

3

 अनु.जनजाति आश्रम (प्रा.स्तर)

50

25

75

4345

2000

6345

4

अनु.जनजाति आश्रम (मा.स्तर)

10

10

20

750

1260

2010

5

पो. मै. पिछड़ावर्ग छात्रावास

1

1

2

50

50

100

6

कन्या शिक्षा परिसर

0

1

1

0

540

540

7

एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय सुकमा/कोन्टा

2 संयुक्त

2

180

180

360

8

एकलव्य कन्या आदर्श आ.वि.छिन्दगढ़

0

1

1

0

30

30

9

अशासकीय आश्रम शाला    

4

3

7

120

140

260

योगः-

91

58

150

7045

5245

12290

 

 

                                                                                                                    

 सहायक आयुक्त

आदिवासी विकास सुकमा

 आदिवासी विकास विभाग द्वारा संचालित विभागीय योजनाएं

 

(01) शिष्यवृत्ति :-विभागीय आश्रम/छात्रावासों में प्रवेशित अनुसूचित जाति/जनजाति/अन्य पिछड़ा वर्ग एवं सामान्य वर्ग के बालक/बालिकाओं को कक्षा 1ली से 10वीं तक 1000 रू. प्रतिमाह की दर से 10 माह 15 दिवस की शिष्यवृत्ति राशि राज्य स्तर से अधीक्षक/छात्रनायक के संयुक्त खाते में जमा की जाती है। 

(02) भोजन सहाय योजना :-

                        पोस्ट मैट्रिक छात्रावासों में प्रवेशित अनुसूचित जाति/जनजाति/अन्य पिछड़ा वर्ग के कक्षा 11वीं से स्नातक एवं स्नातकोत्तर तक के छात्र-छात्राओं को 700 रू. प्रतिमाह की दर से 10 माह के लिए प्रदान की जाती है।

(03) पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति :-

                        शासकीय महाविद्यालय, औद्योगिक प्रशिक्षण केन्द्र, पोलिटेकनीक महाविद्यालय एवं अशासकीय महाविद्यालयों में अध्ययनरत पात्र अनुसूचित जाति/जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के बालक/ बालिकाओं को पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति ऑनलाईन के माध्यम से सीधे विद्यार्थी के बैंक खाता में राशि राज्य स्तर से हस्तांन्तरण की जाती है। पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति दर शासन के द्वारा निम्नानुसार निर्धारित हैः-

क्रमांक                योजना का नाम                                                                  छात्रवृत्ति का दर

                                                                                                       छात्रावासी                      गैर छात्रावासी

1          अनुसूचित जनजाति पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति                                 820                               570

2          अनुसूचित जाति पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति                                      820                               570

3          अन्य पिछड़ा वर्ग पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति                                      110                               100

 

 

            पोस्ट मैट्रिक अनु.जा./अनु.ज.जा. वर्ग के छात्र-छात्राओं के पालक की आय 250000/- एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं के पालक की आय 100000/- से अधिक वार्षिक आय नही होनी चाहिए। संपर्कः-

 

(04) प्रीमैट्रिक/पोस्ट मैट्रिक अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति :-

            अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति कक्षा पहली से स्नातकोत्तर तक के विद्यार्थियों को ऑनलाईन के माध्यम से विद्यार्थियों के बैंक खाते में राशि राज्य स्तर से प्रदान की जाती है जिसका दर निम्नानुसार हैः-

क्रमांक                            योजना का नाम                                                      छात्रवृत्ति का दर

                                                                                                          छात्रावासी                     गैर छात्रावासी

1          प्री.मैट्रिक अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति (कक्षा 1ली से 5 वी)                     —                                100

2          प्री.मैट्रिक अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति (कक्षा 6 वी से 10 वी)                 350                              600

3          पो.मैट्रिक अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति                                                   570                              300

4          मेरिट कम-मीन्स अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति                                        570                              550

 

पात्रताः

  1. पिछली वर्षिक परीक्षा में(कक्षा 1 ली को छोड़कर ) 50 प्रतिशत् य अधिक अंक ।
  2. प्री मैट्रिक के लिए पालक की आय 100000/- पोस्ट मैट्रिक के लिए 200000/- एवं मेरिट कममिन्स के लिए 250000/- से अधिक वार्षिक आय नही होनी चाहिए।

 (05) विशेष कोचिंग योजना :-

                        अनुसूचित जाति/जनजाति छात्रावास/आश्रमों में निवासरत कक्षा 8वीं, 10वीं एवं 12वीं के बालक/बालिकाओं को गणित, विज्ञान, अंग्रेजी विषय के विशेष कोचिंग योजनांतर्गत कोचिंग का लाभ दिया जाता है।

(06) स्वस्थ तन स्वस्थ मन योजना :-

            दूरस्थ अंचलों में संचालित अनुसूचित जाति/जनजाति छात्रावास /आश्रमों में जहां चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं है उन छात्रावास/आश्रमों में निवासरत बालक एवं बालिकाओं को स्वस्थ तन-स्वस्थ मन (स्वास्थ्य सुरक्षा) योजनांतर्गत चयनित/अनुबंधित 14 डॉक्टरों के द्वारा माह में 02 बार स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है। इस हेतु डॉक्टरों को 50 सीटर के लिए प्रति भ्रमण रू 750/- एवं 100 सीटर पर रू 1200/- प्रति भ्रमण प्रदान किया जाता है।

(07) आदर्श अधीक्षक पुरस्कार योजनाः

                        जिले में विभाग द्वारा संचालित छात्रावास/आश्रमों में कार्यरत अधीक्षकों को उत्कृष्ट कार्य/प्रदर्शन करने वाले अधीक्षक/अधीक्षिकाओं को प्रथम, द्वितीय, तृतीय पुरस्कार 10000/-, 7000/-, 5000/- की राशि प्रदान की जाती है।

(ब)-                  मुख्यमंत्री बाल भविष्य सुरक्षा योजना :-

(01)आस्थाः-       नक्सली हिंसा से प्रभावित बच्चों को आवासीय शिक्षा उपलब्ध कराने हेतु दन्तेवाड़ा ‘‘आस्था गुरूकुल’ विद्यालय संचालित है। जिसमें निःशुल्क शिक्षण सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।

(02)निष्ठा :-         नक्सली हिंसा से प्रभावित परिवार के बच्चों को अशासकीय संस्थाओं के सहयोग से उनके अध्ययन की व्यवस्था राजनान्दगांव में संचालित संस्था ‘‘निष्ठा’’ के तहत् की गई है।

(03)प्रयास :-        जगदलपुर, अंबिकापुर, बिलासपुर, दुर्ग एवं रायपुर में ‘‘प्रयास’’ आवासीय विद्यालय स्थापना गई है। आवासीय विद्यालयों में अध्ययन के साथ-साथ IT, AIEEE, PMT एवं PET की कोंचिग प्रदान की जाती है।

(05)जवाहर आदिम जाति उत्कर्ष योजनाः

                        अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति के प्रतिभावान विद्यार्थियों को कक्षा 5वीं एवं 8वीं की परीक्षा में 85 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को चयन परीक्षा  के माध्यम से चयनित कर राज्य स्तर के उत्कृष्ठ आवासीय शालाओं में प्रवेश दिलाया जाता है।

(स)- युवा कैरियर निर्माण योजनाएं-

सिविल सेवा प्रशिक्षण प्रोत्साहन योजनाः-          पीएससी प्रारंभिक परीक्षा में उत्तीर्ण करने वाले अनुसूचित जाति, जनजाति के छात्र- छात्राओं को रू 10000/- की राशि एवं अखिल भारतीय सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण करनें पर 100000/- प्रदान किये जाने का प्रावधान है।

(द)वन अधिकार पत्र का वितरणः- अनुसूचित जनजाति और अन्य परंपरागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) आधिनियम 2006 तथा अनुसूचिति जाति और अन्य परंपरागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) संशोधन नियम 2012 के तहत वन क्षेत्रों के अनुसूचित जनजाति तथा परंपरागत निवासी को जमीन और वन संपदा का निर्बाद रूप से उपयोग करने और अन्य सामाजिक प्रयोजन के लिए व्यक्तिगत एवं सामुदायिक वन अधिकार मान्यता प्रमाण पत्र निःशुल्क प्रदान किया जाता हैं।

()- सामाजिक एवं आर्थिक सहायता(राहत)योजनाएं :-

(01)आदिवासी सांस्कृतिक दलों को सहायता :- आदिवासी सांस्कृतिक दलों की सहायता योजना के अंतर्गत प्रति सांस्कृतिक दलों के अध्यक्षों को रू 10000/- की राषि प्रदाय किये जाने का प्रावधान है।

(02)आदिवासी सांस्कृतिक (देवगुडी निर्माण)ः- आदिवासी संस्कृति के ग्राम के देवी देवता के पूजा स्थल (देवगुडी) पुर्ननिर्माण,मरम्मत हेतु रू. 100000/- की राषि दिये जाने का प्रावधान है।

(03)अन्तर्जातीय विवाह प्रोत्साहन योजनाः–             

             अनुसूचित जाति योजना के अंतर्गत सवर्ण जाति के विवाहित जोड़ो को रू 50000/- की राषि का पुरस्कार दिये जाने का प्रावधान है ।  (05)आकस्मिकता (राहत)योजनाः-

(क) श्रेणीः-         

            अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के व्यक्ति/परिवार को सवर्ण द्वारा उत्पीड़न, हत्या, बलात्कार, अपमानित करने व शारीरिक आघात पहुंचाने, सम्पत्ति को हानि पहुंचाने आदि के मामलों में आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा जिला स्तरीय राहत समिति के अनुशंसा से पीड़ितों को राहत तथा पुनर्वास सहायता प्रदान की जाती हैं। अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 एवं आकस्मिक योजना नियम 1995 के नियम 8 (1)(2) 1(3) के अन्तर्गत अत्याचार से पीड़ित व्यक्ति को राहत राशि, उसके आश्रित और साक्षियों को उसके आवास से अपराध के अन्वेषण, सुनवाई या विचारण स्थान तक आने-जाने का रेल भाड़ा अथवा वास्तविक बस या टैक्सी भाड़ा के भुगतान का प्रावधान है। इसके अलावा भरण-पोषण एवं आहार व्यय भी दिया जाता है।

(ई) आर्थिक विकास की योजनाएंः-

            (1) बस्तर एवं दक्षिण क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरणः- बस्तर एवं दक्षिण क्षेत्र आदिवासी विकास का गठन सन् 2004 से किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों मे अद्योसंरचना विकास कार्यां को गति देना है। इसके अध्यक्ष माननीय श्री लखेश्वर बघेल विधायक, बस्तर विकास प्राधिकरण। सम्मानीय सांसद, विधायक एवं वरिष्ठ जन- प्रतिनिधिगण प्राधिकरण के सदस्य है। इस प्राधिकरण से निर्माण कार्यां के लिए सीधे अनुरोध पत्र प्रेषित किये जाते है।

(2) परियोजना मदः

            विशेष केन्द्रीय सहायता योजना एवं संविधान के अनुच्छेद 275 (1) के अन्तर्गत परियोजना क्षेत्र के बडे़ कार्यां की स्वीकृति दिये जाने का प्रावधान है। शैक्षणिक विकास के तहत छात्रावास/आश्रमों में बाउन्ड्रीवाल, अतिरिक्त कक्ष, विद्युत कनेक्शन, शौचालय, पेयजल के निर्माण कार्य कराये जाते है।    

 

सहायक आयुक्त

आदिवासी विकास सुकमा